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कैसे करें म्यूचुअल फंड में निवेश?

कैसे करें म्यूचुअल फंड में निवेश?

म्यूचुअल फंड क्या है और इसमें कैसे निवेश करें?

म्यूचुअल फंड के कई विज्ञापन आपने भी देखे होंगे. लेकिन म्यूचुअल फंड क्या होता है, कैसे काम करता है और इनमें पैसा निवेश कर कैसे मुनाफ़ा बनाया जा सकता है?

इन सभी सवालों के जवाब.

वीडियो: प्रेरणा और रुबाइयत बिस्वास

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SIP Calculation: सिर्फ 1000 रुपये करें निवेश, घर बैठे 2 करोड़ रुपये से ज्यादा के बन जाएंगे मालिक

SIP Calculation: धैर्य रखकर लंबी अवधि के लिए अच्‍छी स्‍कीम में पैसा लगाते हैं तो कई गुना रिटर्न मिलने की उम्‍मीद बढ़ जाती है। बाजार के रिटर्न पर नजर डालें तो ऐसा हुआ है

SIP Calculation: निवेश और बचत की बात करें तो इसमें धैर्य और अनुशासन का अहम रोल होता है। धैर्य रखकर अगर लंबी अवधि के लिए अच्‍छी स्‍कीम में पैसा लगाना ही समझदारी भरा काम होता है। ऐसे में कई गुना रिटर्न मिलने की उम्‍मीद बढ़ जाती है। इसके साथ ही आपके लिए करोड़पति का द्वार भी खुल सकता है। ऐसे में अगर आप भी भविष्य के लिए घर बैठे बंपर कैसे करें म्यूचुअल फंड में निवेश? कमाई करना चाहते हैं तो आज से बेहतर जगहों पर निवेश करना शुरू कर देना चाहिए।

हर महीने सिर्फ हजार रुपये करें निवेश

अगर आप नियमित तौर पर छोटा मोटा निवेश करते रहेंगे तो भविष्य में मोटा फंड तैयार कर सकते हैं। हम यहां आपको कुछ ऐसे प्लान बता रहे हैं। जहां कम पैसे निवेश करके मोटी कमाई कर सकते हैं। आप म्यूचुअल फंड के जरिए भी मोटा फंड बना सकते हैं। यहां सिर्फ 1000 रुपये की SIP से 2 करोड़ रुपये से ज्यादा का फंड आसानी से बन जाएगा। आपको हर महीने म्यूचुअल फंड में 1000 रुपये निवेश करना है। पिछले कुछ सालों में म्यूचुअल फंड ने 20 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न दिया है।

म्यूच्यूअल फण्ड क्या है प्रकार, निवेश कैसे करें (Mutual Fund In Hindi)

Mutual Fund In Hindi: अगर आप पैसे से पैसा कमाने में रूचि रखते हैं तो Mutual Fund का नाम आपने जरुर सुना होगा, टीवी में आपने Mutual Fund के कई सारे विज्ञापन भी देखे होंगे पर क्या आप जानते हैं आखिर Mutual Fund क्या है, म्यूच्यूअल फण्ड की शुरुवात कब हुई, म्यूच्यूअल फण्ड के प्रकार, म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश कैसे करें और म्यूच्यूअल फण्ड के फायदे तथा नुकसान क्या हैं.

अगर आप उपरोक्त सारी जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो आप एकदम सही लेख पर आये हैं. आज के इस लेख में हम आपको Mutual Fund से जुडी तमाम सारी जानकारी प्रदान करवाने वाले हैं. जिससे कि आपको Mutual Fund में निवेश करने में आसानी हो.

म्यूच्यूअल फण्ड के द्वारा आप अपने पैसों को ऐसे Fund House में निवेश करते हैं जहाँ आपके पैसों को मैनेज करने का काम फण्ड मैनेजर करते हैं. म्यूच्यूअल फण्ड में कई सारे निवेशक पैसे निवेश करते हैं. फण्ड मैनेजर सभी निवेशकों के पैसों को अलग – अलग जगह निवेश कर देते हैं और profit को सभी निवेशकों में निवेश के आधार पर बाँट दिया जाता है.

वैसे म्यूच्यूअल फण्ड निवेश भी जोखिम भरा होता है क्योंकि शेयर बाजार में उतार – चढ़ाव होता रहता है इसलिए म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश भी जोखिम भरा रहता है, हालांकि शेयर बाजार में निवेश करने की तुलना में म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश करने में कम जोखिम होता है. म्यूच्यूअल फण्ड में पूरी जानकारी पाने के लिए लेख को अंत तक पढ़ें.

म्यूच्यूअल फण्ड क्या है इसके प्रकार और इसमें निवेश कैसे करें - Mutual Fund In Hindi

तो चलिए आपका ज्यादा समय न लेते हुए शुरू करते हैं इस लेख को और जानते हैं – म्यूच्यूअल फण्ड क्या होता है हिंदी में.

Best Top 10 Mutual Fund In India 2022 म्यूचुअल फंड क्या है

Best Mutual Fund In Hindi – Top 10 Mutual Fund In india म्यूचुअल फंड के फायदे | म्यूचुअल कैसे करें म्यूचुअल फंड में निवेश? कैसे करें म्यूचुअल फंड में निवेश? फंड में निवेश कैसे करें | SBI म्यूचुअल फंड रिटर्न | टॉप 10 म्यूचुअल फंड इन इंडिया | SIP Best Mutual Fund In india 2022 | म्यूचुअल फंड 2022

Best Top 10 Mutual Fund In India

एक म्यूचुअल फंड (Mutual Funds) एक ट्रस्ट है जो उन निवेशकों से बचत उत्पन्न करता है जो एक सामान्य वित्तीय लक्ष्य साझा करते हैं। निवेशकों द्वारा जमा किए गए धन को फंड मैनेजरों द्वारा निवेश किया जाता है, जो एएमसी, पूंजी बाजार के साधन जैसे शेयर, बॉन्ड और अन्य प्रतिभूतियों द्वारा निवेश किया जाता है। निवेश उस रिटर्न को उत्पन्न करता है जो इकाइयों के धारकों को इकाइयों के अनुपात में दिया जाता है।

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Mutual Funds 2022 (म्यूचुअल फंड)

क्या आप म्यूचुअल फंड की योजनाओं में निवेश करते हैं? निवेश करने से पहले Mutual Fund के बारे मैं पूरी जानकारी प्राप्त कर लेना बहुत जरूरी है। इससे आपको निवेश निर्णय लेने में मदद मिलेगी। तो यहाँ पर हम जानते हैं कैसे करें म्यूचुअल फंड में निवेश? की म्यूचुअल फंड क्या है? हम आपको यहाँ पर यह भी बता रहे हैं कि आप म्यूचुअल फंड में कैसे निवेश कर सकते हैं?

Mutual Fund कंपनियां निवेशकों से पैसा जुटाती हैं। वह इस पैसे को शेयरों में निवेश करती है। बदले में, वह निवेशकों से अपना चार्ज भी लेती है। जो लोग शेयर बाजार में निवेश के बारे में ज्यादा नहीं जानते हैं, उनके लिए म्यूचुअल फंड निवेश का एक अच्छा विकल्प है। निवेशक अपने वित्तीय लक्ष्यों के अनुसार Mutual Fund योजनाओं का चयन कर सकते हैं।

हमें म्यूचुअल फंड में निवेश क्यों करना चाहिए यहाँ से जानें

म्यूचुअल फंड नीचे दिए गए लाभ प्रदान करता है Mutual Fund निवेश करने से पहले देखें ये सभी पॉइंट हैं बहुत जरूरी:

पोर्टफोलियो विविधीकरण

योजना के निवेश उद्देश्य के आधार पर, एक म्यूचुअल फंड कई प्रकार की प्रतिभूतियों में निवेश करता है। यह विभिन्न परिसंपत्ति वर्गों में शामिल जोखिमों का विस्तार करता है, भले ही निवेश की गई राशि छोटी हो।

यह छोटे निवेश की अनुमति देता है

म्यूचुअल फंड निवेशकों को कम से कम Rs. 5000 निवेश करने की अनुमति देते हैं और कभी-कभी कम भी। इससे छोटे निवेशकों के लिए पूंजी बाजार में निवेश करना संभव हो जाता है।

लचीलापन

म्यूचुअल फंड यूनिट धारकों को उनकी आवश्यकताओं के अनुसार योजना और योजनाओं के बीच स्विच करने की अनुमति देते हैं। हालांकि, ध्यान रखें कि योजनाओं को बदलने में लागत शामिल हो सकती है।

पारदर्शिता

म्युचुअल फंड नियमित रूप से यूनिट धारकों के निवेश मूल्य और योजना के पोर्टफोलियो के बारे में व्यक्तिगत संचार और / या उनकी वेबसाइट के माध्यम से जानकारी साझा करते हैं।

Types Of Mutual Fund

1. Investment funds: निवेश फंड मुख्य रूप से कई कंपनियों के शेयरों में निवेश करते हैं। आप शेयरों की कीमत बढ़ाकर या कम करके जीतते हैं या हारते हैं। अगर आप लंबे समय के लिए निवेश करना चाहते हैं तो कैपिटल फंड एक अच्छा विकल्प है। इक्विटी इनवेस्टमेंट फंड्स में जोखिम अधिक होता है और साथ ही, लंबी अवधि के लिए अधिक लाभ भी प्राप्त होता है।

2. Mutual debt fund: ये कम जोखिम वाले म्यूचुअल फंड होते हैं जिनमें मुख्य रूप से सरकारी प्रतिभूतियां होती हैं जिनमें बॉन्ड और ट्रेजरी बिल शामिल होते हैं। Mutual Fund की तुलना में Mutual debt fund में निवेश करना बहुत कम जोखिम भरा होता है और उन निवेशकों के लिए अच्छा होता है जो थोड़े समय के लिए निवेश करना चाहते हैं।

3. Balanced and hybrid funds: इस प्रकार के म्यूचुअल फंड्स में debt और कैपिटल का कॉम्बिनेशन होता है। ये मध्यम जोखिम वाले म्यूचुअल फंड हैं। हाइब्रिड म्यूचुअल फंड्स में, debt मैनेजर द्वारा debt और इक्विटी अनुपात का निर्धारण किया जाता है और यह फंड के अपेक्षित रिटर्न पर निर्भर करता है।

भारत में कितने तरह के म्यूचुअल फंड हैं?

क्या म्यूचुअल फंड में निवेश करना सही है?

हां, यदि आप लंबे समय के लिए निवेश करना चाहते हैं और न कि यदि आप बहुत कम समय में बहुत पैसा कमाने की उम्मीद करते हैं। इसके साथ ही यह भी मायने रखता है कि आप किस फंड में पैसा लगा रहे हैं। यदि आप किसी ऐसे फंड में पैसा लगाते हैं जो अच्छी तरह से प्रबंधित है, तो म्यूचुअल फंड आपको बहुत अच्छे लाभ प्रदान कर सकता है।

म्यूचुअल फंड्स SIP क्या है?

SIP (सिस्टेमैटिक इनवेस्टमेंट प्लान) SIP के माध्यम से, आप हर महीने चुनी जाने वाली राशि को स्वचालित म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं। एसआईपी करते समय, आपको अपने द्वारा चुने गए निवेश की राशि और प्रत्येक माह केवल एक बार निवेश की तारीख का चयन करना होगा। जब भी आपके निवेश की तारीख आएगी, पैसा एसआईपी के माध्यम से आपके बैंक खाते से स्वचालित रूप से निवेश किया जाएगा।

म्यूचुअल फंड में कैसे करें निवेश?

आप किसी म्यूचुअल फंड की वेबसाइट से सीधे निवेश कर सकते हैं. अगर आप चाहें तो किसी म्यूचुअल फंड एडवाइजर से भी सलाह ले सकते है. यदि आप सीधे निवेश करते हैं, तो आप म्यूचुअल फंड योजना के प्रत्यक्ष योजना में निवेश कर सकते हैं। यदि आप एक सलाहकार की मदद से निवेश कर रहे हैं, तो आप एक म्यूचुअल फंड योजना की नियमित योजना में निवेश करते हैं।

अगर आप सीधे निवेश करना चाहते हैं तो आपको उस म्यूचुअल फंड की वेबसाइट पर जाना पड़ेगा. आप उसके दफ्तर में भी अपने दस्तावेज के साथ जा सकते हैं. म्यूचुअल फंड के डायरेक्ट प्लान में निवेश करने का फायदा यह है कि आपको कमीशन नहीं देना पड़ता है। इसलिए, लंबी अवधि के निवेश में आपके रिटर्न में बहुत वृद्धि होती है। इस तरह से म्यूचुअल फंड में निवेश करने में एक समस्या यह है कि आपको खुद ही म्यूचुअल फंड को लेकर सारी रेसर्च करनी पड़ेगी।

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कौन सा म्यूचुअल फंड सही हैं या गलत इसके लिए आप म्यूचुअल फंड के कुछ पहलुओं पर गौर कर सकते हैं।
बीते कुछ सालों में म्युचुअल फंड ने निवेशकों को अपनी तरफ काफी हद तक आकर्षित किया हैं। म्युचुअल फंड में निवेश के लिए बहुत से विकल्प मौजूद है जो अलग अलग निवेशकों को ध्यान में रखते हुए एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) द्वारा तैयार किए जाते हैं। किसी निवेशक के लिए एसआईपी (Systematic Investment Plan) सही विकल्प हो सकता हैं तो किसी के लिए वन टाइम इन्वेस्टमेंट प्लान (Lumpsum Amount Investment Plan)। हालांकि एक निवेशक के तौर पर फंड से अच्छा रिटर्न मिलना सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण हैं।

म्यूचुअल फंड सही है या गलत कैसे चुनें?

म्यूचुअल फंड में निवेश के बहुत से तरीके व स्कीम हैं। खासतौर पर म्यूचुअल फंड में रिटर्न व जोखिम एक दूसरे के समानुपाती होते हैं, अर्थात जहां रिटर्न अच्छा हैं वहां जोखिम भी ज्यादा ही होगा और जहां रिटर्न कम हैं वहां जोखिम भी कम ही होगा। इसलिए अपने जोखिम सहन करने की क्षमता के अनुसार म्युचुअल फंड का चुनाव कर सकते हैं। इसके अलावा कुछ मुख्य तथ्य आपके लिए अच्छा म्यूचुअल फंड चुनने में सहायक हो सकते हैं।

रिस्क सहन करने की क्षमता

म्यूचुअल फंड के माध्यम से अच्छा रिटर्न पाने के लिए रिस्क लेना जरूरी हैं। बिना रिस्क लिये अच्छा रिटर्न मिलना मुश्किल हैं।
आप कितना रिस्क लें सकते हैं इसके अनुसार म्यूचुअल फंड का चुनाव कर सकते हैं।
यदि आप कम रिस्क लेना चाहते हैं तो आप लार्ज कैप फंड में निवेश कर सकते हैं। वहीं थोड़ा अधिक रिस्क लेने के इच्छुक निवेशक मिडकैप फंड में निवेश कर सकते हैं। जो लोग अधिक रिस्क के साथ अधिक रिटर्न पाना चाहते हैं स्माॅल कैप फंड को प्राथमिकता दें सकते हैं। हालांकि कुछ ऐसे म्यूचुअल फंड भी होते हैं जिनमें रिस्क ना के बराबर होता हैं। मगर इनका रिटर्न भी कम ही होता हैं।

निवेश की अवधि

कम अवधि के लिए निवेश को आप डेट फंड में करना चाहिए। यहां पर रिस्क कम होता हैं साथ ही साथ रिटर्न भी थोड़ा कम होता हैं। मगर छोटी अवधि यि तीन साल से कम की अवधि के लिए डेट फंड में निवेश कर सकते हैं। हालांकि जरूरी नहीं है कि आप छोटी अवधि के लिए ही डेट फंड में निवेश करें, यदि आप कम रिस्क के साथ लंबे समय के लिए निवेश करना चाहते हैं तब भी आप डेट फंड में निवेश कर सकते हैं।
तीन साल से अधिक समय के निवेश करने के लिए इक्विटी म्युचुअल फंड बहतर होते हैं। इक्विटी फंड में रिस्क ज्यादा होता हैं इसके साथ रिटर्न भी ज्यादा मिलता हैं। बहुत से इक्विटी म्युचुअल फंड लंबे समय में कैसे करें म्यूचुअल फंड में निवेश? कई गुना तक रिटर्न देते हैं।

फंड मेनेजमेंट का ट्रैक रिकॉर्ड

फंड मेनेजमेंट के हाथों में ही आपकी रकम को संभालने की जिम्मेदारी होती है। इसलिए किसी भी फंड में रकम निवेश करने से पहले फंड को संभालने वाले प्रबंधक की जानकारी आपको होनी चाहिए। पिछले कुछ वर्षों का ट्रैक रिकॉर्ड उनके बारे में पर्याप्त जानकारी दे सकता हैं। उनका अनुभव व पिछले प्रदर्शन से उनकी योग्यता को समझ सकते हैं। अच्छा म्यूचुअल का चुनाव करते समय फंड मेनेजर का पिछला रिकॉर्ड व योग्यता को ध्यान में जरूर रखना चाहिए।

फंड का पोर्टफोलियो

यदि आप बाजार की थोड़ी बहुत समझ रखते हैं तो आप फंड के पोर्टफोलियो को भी समझना चाहिए। आपके लिए जरूरी है कि आप जिस फंड में निवेश करना चाहते हैं उसके पोर्टफोलियो पर गौर करें। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि आपकी रकम किस जगह निवेश की जाएगी।
यदि आपको लगता हैं आने वाले समय में यह सेक्टर अच्छी ग्रोथ कर सकता हैं तो आप उस फंड को चुन सकते हैं। हालांकि इस तरह से चुनाव करने के लिए आपको बाजार का पर्याप्त ज्ञान होना चाहिए। जो एक सामान्य निवेशक के लिए थोड़ा मुश्किल होता हैं।

फंड का कंपेरिजन

आप जिस फंड में निवेश करना चाहते हैं उसकी तुलना उसी सेक्टर के अन्य फंड के साथ कर सकते हैं। इससे आपको फंड का पिछला रिकॉर्ड, एक्सपेंस रेश्यो, रेटिंग आदि की जानकारी मिल जाएगी। इससे आप आसानी से जान सकते हैं कि किस फंड ने कैसा परर्फोम किया हैं।

फंड का सेक्टर

फंड किस सेक्टर से जुड़ा हुआ, यह बात हर किसी निवेशक के लिए बहुत जरूरी हैं। सेक्टराॅल/थीमेटिक फंड किसी एक सेक्टर में निवेश करते हैं। ऐसे फौड में निवेश करने से पहले यह बात पहले ही साफ होनी चाहिए कि जिस सेक्टर में फंड निवेश करता हैं उसमें आने वाले समय में ग्रोथ होने की संभावना है या नहीं।
सेक्टराॅल/थीमेटिक फंड में नये कैसे करें म्यूचुअल फंड में निवेश? इन्वेस्टर्स को निवेश से बचना चाहिए। क्योंकि वे किसी ऐसे फंड का चुनाव कर सकते हैं जिसमें आने वाले समय में ग्रोथ की संभावना कम हों। इसलिए नये निवेशकों को फ्लैक्सी कैप में निवेश करना अच्छा विकल्प हो सकता हैं।

फंड का एक्सपेंस रेश्यो व एग्जिट लोड

फंड का संचालन करने में आने वाले खर्च को एक्सपेंस रेश्यो कहा जाता हैं। इस खर्च को निवेशकों से ही वसूला जाता हैं। एक्सपेंस रेश्यो अधिक होने पर निवेशक को अधिक रकम का भुगतान करना होता हैं जबकि कम एक्सपेंस रेश्यो होने पर कम रकम का भुगतान करना होता हैं। हालांकि एक्सपेंस रेश्यो का भुगतान डेली बेसिस पर होता हैं जो हर दिन निवेशित रकम से काट लिया जाता हैं।
निवेश की गई रकम को फंड से निकालने पर भी कुछ शुल्क का भुगतान करना होता हैं। जिसे एग्जिट लोड कहा जाता हैं। हर फंड का एग्जिट लोड अलग अलग हो सकता हैं। वहीं एग्जिट लोड एक निश्चित अवधि के लिए भी लागू हो सकता हैं। निश्चित अवधि के दौरान निवेशित रकम को रिडीम करने पर एग्जिट लोड लागू होता हैं। जबकि इसके बाद एग्जिट लोड में छूट भी दी जा सकती हैं। इसलिए म्यूचुअल फंड का चुनाव करते समय एग्जिट लोड रेश्यो का भी ध्यान रखना चाहिए।

डिस्क्लेमर: पैसावालेडाॅटइन कभी भी किसी व्यक्ति को निवेश के लिए प्रेरित नहीं करता हैं। निवेश से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह जरूर लें।

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