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निवेश के तरीके

निवेश के तरीके

Investment in Hindi

Investment in Hindi इन्वेस्टमेंट के तरीके. इन्वेस्टमेंट और सेविंग यानि बचत और निवेश तथा इन्वेस्टमेंट के तरीके पर हिंदी में लेख. निवेश कोई पेचीदा विषय नहीं है. थोड़ी बहुत निवेश के बारे में जानकारी हर किसी को होनी चाहिए. शेयर बाजार, म्यूच्यूअल फण्ड, सिप यानी SIP. ईटीएफ ETF, डाक घर बचत योजनायें, बैंक एफडी, Retirement Solutions, साधारण जमा, पोस्ट ऑफिस बचत खाते, recurring deposit रिकरिंग डिपाजिट तथा अन्य प्रकार के निवेश तथा इन्वेस्टमेंट के तरीके के बारे में लेख आसान हिंदी में यहाँ हैं.

इन्वेस्टमेंट के तरीके Investment in Hindi

learn investment and saving for good returns and how to invest in Share Bazar, Mutual Funds, SIP, ETF, Post Office and Saving Accounts in Hindi. Your guide to Investment in Hindi at शेयर बाजार – Share Markets in Hindi.

Fixed Deposit in Hindi फिक्स्ड डिपॉजिट क्या है

Fixed Deposit निवेश के तरीके in Hindi फिक्स्ड डिपॉजिट निवेश का आसान और सुरक्षित तरीका. फिक्स्ड डिपॉजिट क्या है इसके बारे में विस्तार से बताएँगे. क्या होते हैं फिक्स्ड डिपॉजिट के फायदे और नुकसान. फिक्स्ड डिपॉजिट पर कैसे लगता है इनकम टैक्स और किसे करवाना चाहिए फिक्स्ड डिपॉजिट और म्यूच्यूअल फण्ड लें, SIP करवाएं या फिक्स्ड डिपॉजिट.

SIP Meaning in Hindi एसआईपी क्या है

SIP meaning in Hindi

SIP Meaning In Hindi एसआईपी क्या है और इसमें निवेश के क्या फायदे और नुकसान हैं यहाँ आपको समझा रहे हैं हिंदी में। कैसे यह कम जोखिम के साथ अनुशासित … Read more

म्यूचुअल फंड क्या है और कैसे काम करता है

Mutual Fund Meaning in Hindi

Mutual Fund in Hindi म्यूचुअल फंड क्या है, कैसे काम करता है और क्या हैं इसके फायदे आइये और नुकसान हिंदी में जानते हैं.

म्यूचुअल फंड और SIP में अंतर

म्यूचुअल फंड और SIP

म्यूचुअल फंड और SIP में अंतर क्या होता है। म्यूचुअल फंड क्या है और SIP क्या है तथा दोनों में क्या अंतर इसे आसान भाषा में समझते हैं।

Warren Buffett Tips in Hindi

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Warren Buffett Tips in निवेश के तरीके Hindi वॉरेन बफे के निवेश टिप्स जिन्हें आप अपना लेंगे तो निवेश में अपने रिस्क को एकदम कम कर लेंगे और लाभ कमायेंगे।

Post Office Fixed Deposit in Hindi

Post Office Fixed Deposit in Hindi पोस्ट ऑफिस फिक्स्ड डिपॉजिट

Post Office Fixed Deposit in Hindi पोस्ट ऑफिस फिक्स्ड डिपॉजिट के नियम, ब्याज दर और अन्य जानकारी हिंदी में विस्तार से।

ICICI Prudential Fund in Hindi

ICICI Prudential Mutual Fund

आईसीआईसीआई प्रुडेंशियल म्यूच्यूअल फण्ड के बारे में और इसकी योजनाओं की जानकारी आसान हिंदी में। Details about ICICI Prudential Asset Management Company Ltd in Hindi.

FD या Life Insurance क्या लें

FD या जीवन बीमा क्या लें

FD या जीवन बीमा क्या लें या किसमें निवेश करें इसे विस्तार से समझते हैं कि किसको जीवन बीमा लेना चाहिये और किसे फिक्स्ड डिपॉजिट करवाना चाहिये और दोनों में से किस में अधिक फायदा होता है।

निवेश क्या है

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निवेश क्या है, निवेश कितने प्रकार के हो सकते हैं और निवेश का सिद्धांत क्या है। किस प्रकार का निवेश मॉडल आपके लिये सही रहेगा। इस सब की जानकारी लेते हैं हिंदी में विस्तार से।

SIP में निवेश कैसे करें

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SIP में निवेश कैसे करें जानिये कैसे आसान तरीके से आप घर बैठे ऑनलाइन एसआईपी में अपना निवेश शुरू कर सकते हैं कुछ आसान कदमों में।

म्यूच्यूअल फंड में कौन सा तरीका सही – एकमुश्त निवेश या एस आए पी (सिप)?

क्या आप म्यूच्यूअल फंड में निवेश करने के लिए तैयार हैं? अगर आपका जवाब हाँ हैं तो क्या आपने क्निश्चित कर लिया हैं की आप किस तरह अपना पैसा म्यूच्यूअल फंड में निवेश करेंगे – एकमुश्त (लम्प सम ) या फिर सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (सिप) में करेंगे?

अगर आप इसी सवाल में उलझ रहे हैं यह समझ ले की यह दोनों सिर्फ रिटर्न की दृष्टि से अलग नहीं हैं बल्कि पैसे इन्वेस्ट या निवेश करने के तरीके से भी काफी अलग हैं |

लेकिन एक बात समझ ली जिये अगर आप एकमुश्त (लम्प सम) इन्वेस्टमेंट करना चाह रहे हैं तो आप के निवेश के तरीके पास एक बार में इन्वेस्ट’करने के लिए बहुत पैसा होना ज़रूरी हैं | और आप सिप का रूट तब ले सकते हैं जब आप जानते हैं की आप हर महीने एक निश्चित रकम इन्वेस्ट कर सकते हैं | चलिए इन दोनों इन्वेस्टमेंट प्लान को और नज़दीक के समझ लेते हैं |

सिप (SIP) क्या हैं

सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी SIP में आपके चुने गए समय अंतराल पर आपके अकाउंट से एक निश्चित राशि निकल कर आपके चुने हुए मुटुआल फंड में इन्वेस्ट किया जाता हैं |

बस इतना समझ ले की यहाँ आपका इन्वेस्टमेंट अमाउंट को कई किश्तों में बाट दिया जाता हैं| इससे आप की सिर्फ नकदी संकट से बच सकते हैं बल्कि आप अचानक मार्किट क्रैश होने के कारण जो रिस्क होता हैं, आप उससे भी बच जाते हैं | अब आप पूछेंगे कैसे? तो जवाब सरल हैं – क्योंकि SIP में आप अपना सारा पैसा एक बार में निवेश नहीं करते हैं।

सिप निवेशक को रूपी कॉस्ट एवरेजिंग का फ़ायदा देता हैं, इसलिए बुरी मार्किट कंडीशन में भी यह आप को प्रॉफिट या लाभ देता हैं| सीधे लफ़्ज़ों में SIP आप के इन्वेस्टमेंट प्लान का रिस्क कम करता हैं| और क्या, आप अपने SIP की किश्तको भविष्य में बढ़ा भी सकते हैं|

स्कीम चुनते वक़्त आप अपनी जोखम उठानी क्षमता, रिटर्न की उम्मीद औवित्तीय लक्ष्य को ध्यान में रखे| इस लिए आवश्यक रकम पर विचार करें और फिर इन्वेस्ट करे।

एकमुश्त निवेश क्या हैं

अगर आप लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेन्ट प्लान कर रहें हैं और आप के पास फंड भी हो तो आप

एकमुश्त निवेश यानी लम्प सम इन्वेस्टमेंट कर सकते हैं | क्यों की एकमुश्त निवेश आप को शानदार रिटर्न दे सकता है, बशर्ते आपने पैसा लॉन्ग टर्म क लिए इन्वेस्ट किया हो और मार्केट को ठीक से समझ लिया हो। एक बात गाठ बांधले जब मार्केट डाउन हो, उस समय इन्वेस्टमेंट करने से अच्छा रिटर्न मिलने की अपेक्षा होती है।

यदि आप मिड-टर्म रेतुर्न चाहते हैं तो डेट फंड में लम्प सम इन्वेस्टमेंट करना सही रहेगा। अगर आप ज्यादा रिस्क उठाने की चाहत रखते हैं तो इक्विटी म्यूच्यूअल फंड में लम्प सम इन्वेस्टमेंट करना आप के लिए सही होगा |

मार्केट डाउन होने पर और बहुत जल्द रिकवरी की उम्मीद रखने वालो को हमेशा लम्प सम इन्वेस्टमेंट करना चाहिए | लेकिन यदि आप रिटायरमेंट के करीब हैं या सीनियर सिटीजन हैं तो एकमुश्त रकम के साथ एक इक्विटी फंड में कोई बड़ा रिस्क लेने से बचना चाहिए |

SIP में निवेश करने की फायदे एकमुश्त निवेश कीतुलना में

  • SIP नए निवेशकों के लिए बेहतर होता हैं
  • SIP निवेशकों में अनुशासन लता हैं क्यों की आप हर महीने एक नियंत्रित रकम निवेश करते हैं
  • आप को बाजार ट्रैक नहीं करना पढता हैं अगर आप SIP में निवेश करते हैं| यहाँ आप कम पैसा नियंत्रित रूप से निवेश करते हैं, इससे आपकी रिस्क फैक्टर कम हो जाती हैं| एकमुश्त इन्वेस्टमेंट में रिस्क ज्यादा होता हैं और रेतुर्न भी|
  • SIP द्वारा आप नियमित निवेश करते हैं| इसलिए जब बाजार कमज़ोर होता हैं तब निवेश के तरीके आप ज़्यादा म्यूच्यूअल फंड यूनिट् खरीद सकते हैं और जब मजबूत होती है बाजार तब कम|एकमुश्त इन्वेस्टमेंट आप को यह फ़ायदा नहीं मिलता हैं |
  • SIP में इन्वेस्ट करने वालो को मार्किट की अस्थिरता से कम तनाव होती हैं

अब आपको SIP और लम्प सम इन्वेस्टमेंट में क्या अंतर हैं और क्या फायदे हैं जान निवेश के तरीके चुके हैं| लेकिन इन दोनों में सेएकसहीऑप्शन चुनने के लिए आप एक्सपर्ट सलाह ले सकते हैं| इन्वेस्टमेंट करते वक़्त म्यूच्यूअल फंड से होने वाली मुनाफ़े पे लगने वाली टैक्स का भी ध्यान रखना चाहिए| इन्वेस्टकरतेवक़्तअपने फाइनैंशल टार्गेट और रिस्क उठाने की चाहत के हिसाब से पैसा निवेश करें| कोई भी निवेश से पहले अपने इन्वेस्टमेंट अडवाइजर से कंसल्ट करे, इसी में बुद्धिमानी है।

डिस्क्लेमर : म्यूच्यूअल फंड निवेस बाज़ार के जोखमों के अधीन है | निवेश करने से पहले पड़ताल करले और अपने फाइनेंसियल अद्विसेर से सलाह लेकर निवेश करें |

नॉलेज: 4 तरह के होते हैं म्यूचुअल फंड, 500 रुपए से कर सकते हैं निवेश की शुरुआत

म्यूचुअल फंड कंपनियां निवेशकों से पैसे जुटाती हैं। इस पैसे को वे शेयरों में निवेश करती हैं - Dainik Bhaskar

अच्‍छे रिटर्न के लिए म्‍युचुअल फंड में निवेश करना सही विकल्प हो सकता है। लेकिन अभी भी काफी लोगों को यह नहीं पता है कि म्‍युचुअल फंड स्कीम क्या हैं? और इनमें निवेश कैसे किया जाता है? म्यूचुअल फंड कंपनियां निवेशकों से पैसे जुटाती हैं। इस पैसे को वे शेयरों में निवेश करती हैं। इसके बदले म्‍युचुअल फंड निवेशकों से चार्ज भी लेती हैं। जो लोग शेयर बाजार में निवेश के बारे में बहुत नहीं जानते, उनके लिए म्यूचुअल फंड निवेश का अच्छा विकल्प है। हम आपको म्यूचुअल फंड के बारे में बता रहे हैं।

इक्विटी म्यूचुअल फंड
ये स्कीम निवेशकों की रकम को सीधे शेयरों में निवेश करती है। छोटी अवधि में ये निवेश के तरीके स्कीम जोखिम भरी हो सकती हैं, लेकिन लंबी अवधि में इसे आपको बेहतरीन रिटर्न देने वाला माना जाता है। इस तरह की स्कीम में निवेश से आपका रिटर्न इस बात पर निर्भर करता है कि शेयर का प्रदर्शन कैसा है। जिन निवेशकों का वित्तीय लक्ष्य 10 साल बाद पूरा होना है, वे इस तरह की म्यूचुअल फंड स्कीम में निवेश कर सकते हैं।

डेट म्यूचुअल फंड
ये म्यूचुअल फंड स्कीम डेट सिक्योरिटीज में निवेश करती हैं. छोटी अवधि के वित्तीय लक्ष्य पूरे करने के लिए निवेशक इनमें निवेश कर सकते हैं। 5 साल से कम अवधि के लिए इनमें निवेश करना ठीक है। ये म्यूचुअल फंड स्कीम शेयरों की तुलना में कम जोखिम वाली होती हैं और बैंक के फिक्स्ड डिपाजिट की तुलना में बेहतर रिटर्न देती हैं।

हाइब्रिड म्यूचुअल फंड स्कीम
ये म्यूचुअल फंड स्कीम इक्विटी और डेट निवेश के तरीके दोनों में निवेश करती हैं। इन स्कीम को चुनते वक्त भी निवेशकों को अपने जोखिम उठाने की क्षमता का ध्यान रखना जरूरी है। हाइब्रिड म्यूचुअल फंड स्कीम को छह कैटेगरी में बांटा गया है।

सॉल्यूशन ओरिएंटेड म्यूचुअल फंड स्कीम
सॉल्यूशन ओरिएंटेड म्यूचुअल फंड स्कीम किसी खास लक्ष्य या समाधान के हिसाब से बनी होती हैं। इनमें निवेश के तरीके रिटायरमेंट स्कीम या बच्चे की शिक्षा जैसे लक्ष्य हो सकते हैं। इन स्कीम में आपको कम से कम 5 साल के लिए निवेश करना जरूरी होता है। निवेश के तरीके इसमें निवेश करके आप अच्छा रिटर्न पा सकते हैं।

म्‍युचुअल फंड में तीन तरह से निवेश किया जा सकता है। इसमें पूरी तरह से ऑनलाइन से लेकर फार्म भरकर निवेश किया जा सकता है। म्‍युचुअल फंड में लगाया गया पैसा शेयर बाजार में लगाया जाता है। इसलिए कई लोगों को लगता है कि इसके लिए डीमैट अकाउंट जरूरी है, हालांकि ऐसा नहीं है। म्‍युचुअल फंड में निवेश बिना DEMAT अकाउंट के भी निवेश किया जा सकता है।

पहला तरीका
यह तरीका काफी आम है। इसमें किसी एजेंट के माध्‍यम से निवेश करना होता है। अगर एजेंट को खोजने में दिक्‍कत हो तो जिस कंपनी में निवेश करना चाहते हैं उस कंपनी निवेश के तरीके की वेबसाइट से टोल फ्री नम्‍बर लेकर बात कर सकते हैं। कंपनी आपके इलाके में जो एजेंट हैं उससे संपर्क करा देगी। फिर इस एजेंट की मदद से आप निवेश कर सकते हैं।

दूसरा तरीका
ब्रोकर या किसी म्‍युचुअल फंड बेचने वाली वेबसाइट के माध्‍यम से भी निवेश किया जा सकता है। कई लोग शेयर बाजार में निवेश करते हैं वह अपने ब्रोकर अकाउंट के माध्‍यम से भी म्‍युचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं। इसके अलावा देश में एक दर्जन से ज्‍यादा वेबसाइट हैं जो म्‍युचुअल फंड बेचती हैं। लोग इन वेबसाइट पर अपना रजिस्‍ट्रेशन कराने के बाद म्‍युचुअल फंड खरीद सकते हैं। अगर जरूरत हो तो यह वेबसाइट अपने एजेंट भी निवेशक के पास मदद के लिए भेजती है।

तीसरा तरीका
डायरेक्‍ट प्‍लान में निवेश। सेबी के आदेश के बाद सभी म्‍युचुअल फंड कंपनियां अपनी सभी स्‍कीम्‍स में डायरेक्‍ट प्‍लान का ऑप्‍शन देती हैं। इनमें निवेश पूरी तरह से ऑनलाइन होता है। आप म्‍युचुअल फंड कंपनी की वेबसाइट पर जाकर सीधे स्‍कीम चुनते हैं और कुछ स्‍टेप में निवेश की प्रक्रिया पूरी करते हैं। यहां पर पेमेंट भी ऑनलाइन करना होता है।

चौथा तरीका
अब पेटीएम मनी ऐप (PayTm Money App) की मदद से आप किसी भी म्‍युचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं। पेटीएम मनी ऐप की मदद से आप निवेश करने के साथ-साथ अपने पोर्टफलियो को भी आसानी से चेक कर सकते हैं। इसके लिए आपको अलग से कोई कमीशन या फीस नहीं देनी होगी।

शेयर बाजार से जुड़े रिस्क
म्‍युचुअल फंड अपनी इक्विटी स्‍कीम में जुटाए पैसों का निवेश शेयर बाजार में करते हैं। स्‍टॉक मार्केट के बारे में कुछ भी भविष्‍यवाणी करना कठिन होता है। इसी कारण इक्विटी म्‍युचुअल फंड में निवेश रिस्‍की माना जाता है। हालांकि जानकारों का कहना है कि थोड़ा-थोड़ा पैसा लम्‍बे समय तक लगाया जाए तो अच्‍छा रिटर्न पाया जा सकता है।

सवाल: क्या आप किसी म्यूचुअल फंड में अपना सारा पैसा खो सकते हैं?
जवाब: बाज़ार से जुड़े होने के कारण, म्यूचुअल फंड में जोखिम बना रहता है, इसलिए निवेश की गई मूल राशि का नुकसान हो सकता है। हालांकि, म्यूचुअल फण्ड के प्रदर्शन को देखते हुए कहा जा सकता है कि आपके सभी पैसे खोने निवेश के तरीके की संभावना कम है।

सवाल: किसी म्यूचुअल फंड में निवेश शुरू करने के लिए आपको कितना धन चाहिए?
जवाब: आपके द्वारा निवेश किए जाने वाले फंड के आधार पर न्यूनतम निवेश राशि भिन्न हो सकती है। हालाँकि, आप न्यूनतम 500 रु. निवेश कर सकते हैं।

सवाल: क्या मैं म्यूचुअल फंड कभी भी बेच सकता हूं?
जवाब: अधिकांश म्यूचुअल फंड ओपन एंडेड होते हैं, मतलब आप उन्हें कभी भी बेच सकते हैं। आमतौर पर क्लोज एंड स्कीम की 3-4 वर्ष की लॉक-इन अवधि होती है। एक दूसरे तरीके की स्कीम है जिसमें, म्यूचुअल फन कुछ समय के लिए लॉक-इन हो जाते हैं, लेकिन इसके बाद ओपन एंडेड हो जाते हैं। उदाहरण के लिए, टैक्स सेविंग या ELSS की लॉक-इन अवधि 3 साल है। इस अवधि के बाद, आप ये फंड किसी भी समय बेच सकते हैं।

सवाल: क्या म्यूचुअल फंड में निवेश करना टैक्स-फ्री है?
जवाब: नहीं, म्यूचुअल फंड शोर्ट टर्म कैपिटल गेन्स (STCG) और लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) नियम के अधीन हैं। अलग-अलग म्यूचुअल फंड जैसें, इक्विटी और डेट पर कई तरह का टैक्स लगता है। म्यूचुअल फंड लाभांश के मामले में डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स (DDT) लागू हो जाता है और फंड के अनुसार स्रोत पर टैक्स कटौती की जाती है।

Mutual Fund: इस तरीके से करेंगे निवेश तो नही होगा नुकसान!

Mutual Fund: इस तरीके से करेंगे निवेश तो नही होगा नुकसान!

डीएनए हिंदी: म्यूचुअल फंड (Mutual Fund) में निवेश की जब भी बात आती है तो अक्सर हमें इसके दो तरह के बारे में पता चलता है. डायरेक्ट (Direct) और रेगुलर (Regular) प्लान्स. अक्सर नये निवेशकों को इनकी ज्यादा समझ नहीं होती और कई बार गलत चुनाव कर लेते हैं. इन दोनों Funds को एक ही फण्ड मैनेजर मैनेज करता है. दोनों फंड के पोर्टफोलियो भी एक जैसे होते हैं. लेकिन इनमें जो एक बड़ा अंतर होता है वह यह है कि रेगुलर प्लान में निवेशक और म्युचुअल फंड कंपनी के बीच में थर्ड पार्टी के रूप में कोई एजेंट या म्युचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर भी मौजूद रहता है.

क्या होता है Regular Mutual Fund?
मान लीजिये आप किसी म्यूचुअल फण्ड में निवेश करना चाहते हैं और आपने किसी एजेंट या डिस्ट्रीब्यूटर की मदद से निवेश किया. इसके लिए कंपनी की तरफ से एजेंट या डिस्ट्रीब्यूटर को कमीशन मिलेगा. जानकारी के लिए बता दें कि यह कमीशन आपके ही निवेश किये गए रुपयों में से काटकर दिया जायेगा. सबसे चौंकाने वाली जो बात है एजेंट या डिस्ट्रीब्यूटर को यह कमीशन सिर्फ एक बार में ही नहीं दिया जायेगा. यह तब तक मिलता रहेगा जब तक आप निवेश करते रहेंगे.

Direct Mutual Fund क्या है?
म्यूचुअल फण्ड हाउसों ने 2013 में Direct Mutual Fund लॉन्च किया. जिसके निवेश के तरीके बाद देखा गया कि बड़ी तेजी के साथ निवेशकों ने रेगुलर से सीधे डायरेक्ट प्लान में निवेश करना शुरू किया.

Direct Mutual Fund में कोई भी बिचौलिया नही होता है. इसमें निवेशक सीधे म्यूचुअल फण्ड कंपनी के पास जाकर डायरेक्ट म्यूचुअल फण्ड खरीद सकते हैं. जाहिर है कि अगर बीच में कोई भी बिचौलिया नही होगा तो खर्च भी कम आएगा. इसलिए Direct Mutual Fund का रिटर्न Regular Mutual Fund से बेहतर आता है. एक मिडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक डायरेक्ट और रेगुलर म्यूचुअल फण्ड के रिटर्न में 0.5 से 2% तक का अंतर होता है.

Direct Mutual Fund लेने का तरीका
डायरेक्ट म्यूचुअल फण्ड में निवेश करने के लिए आप फण्ड हाउस की वेबसाइट पर जाकर अपना डिटेल भरकर फण्ड खरीद सकते हैं. इसके अलावा अगर आप किसी अन्य टाइप के म्यूचुअल फण्ड में निवेश करना चाहते हैं तो उसके लिए भी म्युचुअल फंड्स यूटिलिटी पर जा सकते हैं. इसके अलावा कई ऐसे पोर्टल भी हैं जो Direct Mutual Fund में निवेश करने की सुविधा देते हैं लेकिन इसके लिए वह एक फ्लैट चार्ज वसूलते हैं.
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किस प्लान में करें निवेश?
अगर आपको म्यूचुअल फण्ड के बारे में जानकारी है तो आप Direct Mutual Fund चुन सकते हैं, लेकिन अगर आपको इसके बारे में बिलकुल भी जानकारी नही है तो आप किसी एजेंट की मदद से अपना Mutual Fund खोल सकते हैं.

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