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इंट्राडे ट्रेडिंग क्या है?

इंट्राडे ट्रेडिंग क्या है?
अब अपना ट्रेडिंग अकाउंट कैसे खोले और ट्रेडिंग अकाउंट से जोड़ी जरुरी जानकारी को जानने के लिए हमारी नीचे दी गई पोस्ट पढ़े .

Intraday Vs Delivery Trading

इंट्राडे ट्रेडिंग क्या है – What is intraday trading 2022

इंट्राडे ट्रेडिंग क्या है ? जब आप किसी कंपनी के शेयर को खरीदते हो और उससे अच्छा रिटर्न मिलने के बाद बेच देते है लेकिन इंट्राडे ट्रेडिंग इन्वेस्टिंग का एक ऐसा जरिया है जिसमें आपको ज्यादा दिनों का इंतजार नहीं करना पड़ता है बल्कि आप एक ही दिन में मार्केट से प्रॉफिट निकाल सकते है इंट्राडे ट्रेडिंग के अंदर आपको एक ही दिन मे किसी कंपनी के शेयर को खरीदना है और उसी दिन बेच देना है इसे ही इंट्राडे ट्रेडिंग कहते हैं अब चलिए मैं आपको बताता हूं की इंट्राडे ट्रेडिंग के अंदर आपको कुछ महत्वपूर्ण पहलुओं को ध्यान में रखना चाहिए

यह शेयर मार्केट से पैसे कमाने का एक ऐसा तरीका है जिसमें आपको सप्ताह, महीना और सालों का इंतजार नहीं करना पड़ता है बल्कि आपको एक ही दिन में प्रॉफिट मिल जाता है दोस्तों आप भी इंट्राडे ट्रेडिंग से पैसा कमाना शुरू कर सकते हैं

इंट्राडे ट्रेडिंग कैसे करें – how to do intraday trading

Intraday Day Trading करने के लिए आपके पास एक डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट होना आवश्यक है इसी के ऊपर आप इंट्राडे ट्रेडिंग करने वाले हैं इसके इंट्राडे ट्रेडिंग क्या है? साथ ही आपके पास एक लैपटॉप या पर्सनल कंप्यूटर होना आवश्यक है जिसके ऊपर आपको इंट्राडे ट्रेडिंग के लिए स्टॉक को एनालिसिस करना पड़ता है वैसे यह काम आप मोबाइल से भी कर सकते हैं लेकिन कंप्यूटर या लैपटॉप हो तो सोने पर सुहागा हो जाएगा,

इसके अलावा आपके पास एक अच्छा इंटरनेट कनेक्शन होना आवश्यक है अब आपको इंट्राडे ट्रेडिंग करने के लिए 9:15 से 3:30 तक का समय मिलता है इसी समय के अंदर आपको किसी एक कंपनी के स्टॉक को खरीदना और बेचना होता है,

इंट्राडे शेयर कैसे खरीदें – how to buy intraday shares

यह तो समझ लिया की इंट्राडे ट्रेडिंग क्या है, अब जानते हैं कि आपको इंट्राडे के लिए शेयर खरीदने के 1 दिन पहले कुछ शेयर का चुनाव करना होता है,

अब आपको इन चुने गए शेयर को एनालिसिस करना होता है जैसे कि टेक्निकल एनालिसिस जिसमें यह शेयर कहां पर सपोर्ट और रेजिस्टेंस ले रहा है कहां पर शेयर की ट्रेंडलाइन टूट रही है आदि ऐसी कई सारी बातें टेक्निकल एनालिसिस के अंदर आती हैं यह एनालिसिस आपको इंट्राडे के लिए शेयर का चुनाव करते समय करना होता है

आप न्यूज़ पढ़ कर जैसे कि कौन सी कंपनी को अच्छा प्रॉफिट हुआ है या किसी कंपनी से संबंधित कोई अच्छी न्यूज़ आती है ऐसे शेयर को आप अपनी वॉच लिस्ट में ऐड कर सकते हैं इन बातों का ध्यान रखकर आप इंट्राडे ट्रेनिंग के लिए शेयर का चुनाव कर सकते हैं

इंट्राडे ट्रेडिंग के फायदे

यहां से आप रोज पैसा कमा सकते है

No Risk

इंट्राडे ट्रेडिंग के अंदर जब मार्केट बंद हो जाता है उसके बाद आप को नुकसान नहीं हो सकता क्योंकि मार्केट के बंद होने से पहले यदि आप अपनी शेर को बेच देते हैं या फिर नहीं भी बेचते हैं तो भी आपका शेयर ऑटोमेटिक बिक जाता है जिससे आपको बाद में कोई भी नुकसान नहीं हो सकता है

डे ट्रेडिंग के अंदर आपको बहुत ज्यादा समय का इंतजार नहीं करना पड़ता है क्योंकि यहां पर आप एक ही दिन में शेयर को खरीदते और बेच भी देते है हैं और उसी दिन अपना मुनाफा मार्केट से निकाल लेते हैं

आप इंट्राडे ट्रेडिंग की कम पैसों के साथ भी शुरुआत कर सकते हैं क्योंकि यहां पर आपको ज्यादा समय का इंतजार नहीं करना पड़ता है

Intraday Trading Vs Day Trading Kya Hai

Intraday ट्रेडिंग और Day ट्रेडिंग दरअसल एक ही है. एक ही दिन में कि जाने वाली ट्रेडिंग को कुछ लोग इंट्राडे ट्रेडिंग कहते है और कुछ लोग डे ट्रेडिंग कहते है . लेकिन लोगों के बीच सबसे ज्यादा इंट्राडे ट्रेडिंग शब्द प्रचलित है .

चलिए अब इंट्राडे ट्रेडिंग शब्द का मतलब जानते है .

Intradday Trading Meaning in Hindi

Intraday Trading का मतलब हिंदी में = “एक दिन में होने वाली व्यापारिक क्रिया”, आसान भाषा में कहे तो, शेयर मार्केट में एक दिन के अन्दर Share कि खरीदी और बिक्री को हम Intraday Trading कहते है .

चलिए अब जानते है इंट्राडे ट्रेडिंग क्या है ?

Intraday Trading Kya Hai

शेयर मार्केट के सुबह 9:15 AM पर खुलने से लेकर दोपहर 3:20 PM तक शेयर को खरीदने और बेचने को हम इंट्राडे ट्रेडिंग कहते है .

इंट्राडे ट्रेडिंग एक दिन के अन्दर ही शेयर को खरीद कर और बेच कर कि जाती है. लेकिन इसमें शेयर मार्केट के खुलने और बंद होने का समय बहुत मायने रखता है .

क्योंकि शेयर मार्केट 9:15 AM पर सुबह खुल जाती है, तो आप मार्केट खुलने के बाद स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड कंपनी के शेयर खरीद सकते है .

और शेयर मार्केट 3:30 PM पर दोपहर में बंद हो जाती है और आपको इंट्राडे ट्रेडिंग में शेयर मार्केट के बंद होने से पहले शेयर को 3:20 PM तक हर हाल में बेचना होता है .

अगर आप शेयर को नहीं बेचते तो भी शेयर इंट्राडे ट्रेडिंग में आपके अकाउंट से आखरी कीमत पर बिक जाते है .

इंट्राडे ट्रेडिंग करने के लिए लिए आपके पास अपना Trading Account होना चाहिए क्योंकि आप बिना ट्रेडिंग अकाउंट के शेयर मार्केट में ट्रेडिंग नहीं कर सकते .

Intraday Trading Vs Delivery Trading: जानें इंट्राडे तथा डिलीवरी ट्रेडिंग में क्या अंतर है

शेयर मार्केट में निवेश करना वर्तमान दौर में बेहद आसान बनता जा रहा है, लेकिन यहाँ निवेश करने के एक से अधिक विकल्प इंट्राडे ट्रेडिंग क्या है? उपलब्ध हैं, जिनके बारे में एक निवेशक के तौर पर आपके लिए जानना आवश्यक है। उदाहरण के लिए कुछ शेयर मार्केट ट्रेडिंग अल्पकालिक अवधि के लिए होती हैं, जबकि कुछ ट्रेडिंग लंबी अवधि के निवेश के रूप में की जाती हैं।

हालाँकि शेयर बाज़ार में निवेश के कुछ अन्य तरीके भी हैं जैसे फ्यूचर एवं ऑप्शन में निवेश आदि, किन्तु आज इस लेख में हम मुख्यतः अवधि के आधार पर शेयर मार्केट में करी जाने वाली ट्रेडिंग के विषय में समझेंगे। इस प्रकार शेयर बाजार में दो तरीके से ट्रेडिंग करी जा सकती हैं, जिन्हें हम इंट्राडे ट्रेडिंग या डिलीवरी आधारित ट्रेडिंग (Intraday Trading Vs Delivery Trading) के रूप में जानते हैं।

इंट्राडे ट्रेडिंग (Intraday Trading) क्या है?

जब कोई ट्रेडर या निवेशक एक ही ट्रेडिंग दिन के भीतर शेयरों की खरीद और बिक्री करता है, तो इसे इंट्राडे ट्रेडिंग (Intraday Trading) कहा जाता है। इस प्रकार की ट्रेडिंग में शेयरों को कम समय में लाभ कमाने के उद्देश्य से खरीदा जाता है, लंबी अवधि के निवेश के रूप में नहीं।

इंट्राडे ट्रेडिंग में किसी ट्रेडिंग दिन में शेयर की कीमत में हुए परिवर्तन के आधार पर ट्रेडर लाभ अर्जित करते हैं, गौरतलब है कि, डिलीवरी ट्रेडिंग के विपरीत यहाँ कोई ट्रेडर किसी शेयर को पहले बेचकर बाद में खरीद भी सकते हैं। ऐसा उस स्थिति में इंट्राडे ट्रेडिंग क्या है? किया जाता है, जब ट्रेडर को किसी शेयर की कीमतों में गिरावट का अंदेशा होता है, ऐसे में ट्रेडर दिन की शुरुआत में शेयर बेच देते हैं तथा दिन के मध्य या अंत में जब शेयर के दाम गिर जाएं तो उसे खरीद लेते हैं।

डिलीवरी-आधारित ट्रेडों को परिभाषित करना

जहां तक डिलीवरी ट्रेडों का संबंध है, खरीदे गए स्टॉक को इसमें जोड़ा जाता हैडीमैट खाता. जब तक आप बेचने का फैसला नहीं करते तब तक वे कब्जे में रहते हैं। भिन्नइंट्राडे ट्रेडिंग, इसकी कोई सीमित समयावधि नहीं है। आप अपने स्टॉक को दिनों, हफ्तों, महीनों या वर्षों में भी बेच सकते हैं।

  • अगर आपको लगता है कि कंपनी काफी अच्छा कर रही है तो आपको किसी स्टॉक में लंबे समय तक निवेश करने का फायदा मिलता है
  • जोखिम इंट्राडे से कम है

डिलिवरी-आधारित ट्रेडिंग के नुकसान

  • स्टॉक खरीदने के लिए आपको पूरी राशि का भुगतान करना होगा; इस तरह, जब तक आप अपने शेयर बेचने का निर्णय नहीं लेते, तब तक आपके फंड ब्लॉक हो जाते हैं

अब जब आप इंट्राडे और डिलीवरी के अंतर को समझ गए हैं, तो यहां बताया गया है कि उनका व्यापार करने का तरीका भी अलग है:

वॉल्यूम ट्रेड

इसे एक दिन के भीतर किसी कंपनी के शेयर खरीदे और बेचे जाने की संख्या के रूप में परिभाषित किया जाता है। आमतौर पर अच्छी तरह से स्थापित और बड़े संगठनों के लिए उनकी विश्वसनीयता के कारण मात्रा अधिक होती है। इस प्रकार, यदि आप इंट्राडे चुन रहे हैं, तो विशेषज्ञ आपको इन ट्रेडों से चिपके रहने की सलाह देंगे।

लंबी अवधि के लिए कारोबार करने वालों के संदर्भ में, वे अस्थिरता के पहलू पर कम निर्भर करते हैं क्योंकि स्टॉक बेचने को तब तक के लिए टाल दिया जा सकता है जब तक कि यह आपके द्वारा निर्धारित लक्ष्य मूल्य तक नहीं पहुंच जाता।

इंट्राडे और डिलीवरी ट्रेडिंग के बीच अंतर: आपको कौन सा चुनना चाहिए?

ज़रूर, इंट्राडे ट्रेडिंग लुभाने लगती है, लेकिन यह सभी के लिए नहीं है। जैसा कि ऊपर उल्लेख किया गया है, आपको सफलता हासिल करने के लिए हर मिनट बाजार पर नजर रखनी होगी। साथ ही, इस प्रकार को चुनना आपको तकनीकी पहलुओं, जैसे कि एल्गोरिदम और चार्ट पर निर्भर रहने के लिए मजबूर करेगा। इस प्रकार, यदि आप इस दृष्टिकोण से सहज नहीं हैं, तो आपको इस ट्रेडिंग प्रकार से दूर रहना चाहिए।

दूसरी ओर, यदि आप कुछ घंटों का निवेश करके जल्दी पैसा कमाना चाहते हैं, तो डिलीवरी-आधारित ट्रेडिंग आपके लिए एक बढ़िया विकल्प नहीं है क्योंकि इस प्रकार के लिए बहुत धैर्य की आवश्यकता होती है। इसके साथ ही इसमें फंडामेंटल अप्रोच की मदद से पैसा लगाने की भी जरूरत होती है।

इंट्राडे ट्रेडिंग क्या है ?

सुबह 9:15 बजे से लेकर शाम को 3:30 बजे तक जो शेयर आपने इंट्राडे कहकर लिया है उसे 3:10 तक बेचना ही पड़ता है उस ट्रेड में आपको चाहे नुकसान हो, चाहे फायदा दोनों में से एक चीज ” बुक ” करनी ही पड़ेगी फायदा होता है तो आपकी पूंजी बढ़ जाएगी
और शेयर का रेट घट गया और आपको घटे रेट पर शेयर को बेचना ही पड़ेगा तो आपकी पूंजी घट जाएगी इसको (इंट्रा डे) बाजार कहते है इस बाजार में
इंट्राडे का व्यापार करने के लिए आपके पास कम से कम
₹50,000,00/= (पचास लाख) तो होना ही चाहिए
नहीं तो शॉर्ट टर्म या long टर्म निवेश कर
शेयर की डिलीवरी लेकर व्यपार करे!

अगर आप एक या ₹2,000,00/=लाख से इंट्राडे का व्यापार करेंगे तो आपकी पूंजी आहिस्ता आहिस्ता घटती जाएगी और एक दिन आप शेयर बाजार से बिल्कुल कंगाल हो जाएंगे।

इंट्राडे ट्रेडिंग क्या है ?

इक्विटी बाजार में ट्रेडिंग 2 सेगमेंट होते है

1) कैश ट्रेडिंग

इस प्रकार के ट्रेडिंग में आप मॉर्निज के बिना आपके खुदके पैसों ट्रेडिंग कर सकते है। इसमें आप शेयर की दिलीविरी लेकर खरीद और बिक्री कर ट्रेडिंग करते है। इसमें आपको बहोत कम रिटर्न्स मिलता है। मगर इसमें आर्थिक जोखिम भी बहोत कम होता है। शेयर बाजार में पेशे आदर ट्रेडर इस तरह के ट्रेडिंग नहीं करते है । इसमें लेवल लघु समय ( < 1 वर्ष ) के निवेशक ट्रेडिंग करते है।

2) डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग

इस प्रकार के ट्रेडिंग में आप ब्रोकर मॉर्निज पैसों के साथ आपके ट्रेडिंग कर सकते है। इसमें आप स्टॉक ( ITC , HDFC , Reliance ) , करेंसी ( USD/INR ) , इंडेक्स ( NIFTY 50 / SENSEX ) और कमोडिटी ( Cruid Oil , Gold , Silver ) की दिलीविरी लिए बिना खरीद और बिक्री कर ट्रेडिंग करते है। इसमें आपको बहोत ज्यादा रिटर्न्स मिलता है। मगर इसमें आर्थिक जोखिम बहोत ज्यादा होता है। शेयर बाजार में पेशेदार ट्रेडर इस तरह के ट्रेडिंग करते है ।

डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग 2 तरह के होते है

a) फ्यूचर ट्रेडिंग

शेयर मार्किट में फ्यूचर ट्रेडिंग या फ्यूचर कॉन्ट्रैक्ट ट्रेडिंग का मतलब होता हे की आप किसी भी इंट्राडे ट्रेडिंग क्या है? स्टॉक / इंडेक्स को उसकी एक्सपाइरी डेट से पहले खरीद या बेच सकते हे, कोई भी फिक्स प्राइस पर।

b) ऑप्शन ट्रेडिंग

शेयर बाजार मेंहर दिन शेयर और इंडेक्स की मूल्य ऊपर नीचे होते रहता है । इस में अगर आप किसी शेयर को भबिष्य के किसी निधारित मूल्य (strick price) में बेचना और ख़रीदना हो तो आपको किसी के साथ एक कॉन्ट्रैक्ट करना होता है । इस को आसान भासा में स्टॉक हेजिंग कहे ते है इस के निबेश की रिस्क कम होजा ता है । सभी कॉन्ट्रैक्ट का एक निधारित समय सीमा होता है । इसी कॉन्ट्रैक्ट (Option) को बेचना और खरीदना को option trading कहते है ।

इंट्राडे और डिलीवरी ट्रेडिंग में क्या अंतर है?

शेयर बाजार में 1 दिन केलिए ट्रेडिंग करते है तो उसको इंट्राडे ट्रेडिंग कहते है। इसमें आपको शेयर को एक ही दिन में 9:15 AM से 3:30 PM तक खरीद बिक्री इंट्राडे ट्रेडिंग क्या है? करना होता है। इसमें केबल ट्रेडिंग कर सकते है । मगर आपको लंबी अबधि केलिए निवेश केलिए शेयर की डिजिटल फॉरमेट के जरिए डिलीवरी लेनी होती है। इसमें आपको शेयर को डिजिटल फॉरमेट में खरीद के T +2 दिनों में आपके CDSL / इंट्राडे ट्रेडिंग क्या है? इंट्राडे ट्रेडिंग क्या है? NSDL एकाउंट में शेयर जमा होता है । इंट्राडे ट्रेडिंग में आपको बहोत ज्यादा ब्रोकेज़ ( प्रति आर्डर ₹20/- ) का शुल्क देना इंट्राडे ट्रेडिंग क्या है? होता है। मगर शेयर की डिलीवरी में ब्रोकेज़ बहोत कम लगता है। इंट्राडे ट्रेडिंग में आपको > 30% ज्यादा इनकम टैक्स भरना होता है। मगर डिलीवरी ट्रेडिंग / निवेश में आपको ( 10 % से 15 % ) तक की इनकम टैक्स लगता है। इंट्राडे ट्रेडिंग शेयर बाजार के अनुभवी लोगों करना चाहिए । अगर आप शेयर में नए हो तो आपको डिलीवरी ट्रेडिंग / निवेश करना चाहिए।

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